​कालपी कोतवाल के संरक्षण में मादक पदार्थ, गोमांस की बिक्री धड़ल्ले से..…

★समाजिक कार्यकर्ताओं तथा जागरूक लोगों ने एसपी से कोतवाल को हटाने की मांग उठायी
कालपी (जालौन) कालपी पुलिस के संरक्षण में पनप रहे मादक पदार्थो के उत्पादन तथा बिक्री से नगर के युवा बर्वादी की कगार पर पहुंच रहे है वही कालपी कोतवाल सत्येन्द्र सिंह राठौर को इन कालेकार्यनामों के लिये मोटी रकम दी जाती है। जिससे सट्टा, जुआं, मध्यप्रदेश व हरियाणा की शराब, स्मैक, चरस, आदि मादक पदार्थो की बिक्री के अड्डो से बसूली हेतु अपने सफेद पोश के दलाल छोड़ रखे है जो पूरे दिन बसूली ही करके रात को कोतवाल साहब को देते है फिर रात में बोतल खुलने की बोछार होती है जिसकी नगर में चर्चा आम है।

आपको बताते चले कि जबसे कोतवाल सत्येन्द्र सिंह राठौर को उरई कोतवाली से भ्रष्टाचार तथा क्राइम रोकने के बजाय ज्यादा होनें लगने के आरोप से उन्हे उरई कोतवाली से हटाकर कालपी कोतवाली भेजा गया । कोतवाल सत्येन्द्र सिंह ने चार्ज लेने पर पत्रकार बार्ता में तो बिल्कुल हरिश्चंद्र से भी ज्यादा ईमानदार होने की बात कही तथा दलालो को चेतावनी दी थी कि मेरे रहते कोई दलाल कोतवाली के इर्दगिर्द नजर नही आयेगा और समाजिक लोगो के लिये चैबीसों घटा दरबाजा खुले रहेगें। लकिन उसका ठीक उलटा हुआ दलालों, बेईमानों तथा अपराधियों को कोतवाल सहाब अपने बगल में बैठाकर चाय और नास्ता कराते है जिसे किस भी दिन देखा जा सकता है। और समाजिक तथा ईमानदार लोगो को कोतवाल सत्येन्द्र सिंह राठौर 151 की धमकी देकर कोतवाली से बेजती के साथ बाहर कर देते है उक्त आशय की जानकारी गोपनीय सूत्रो से प्राप्त हुई है।

इतना ही नही कोतवाल सत्येन्द्र सिंह राठौर उन काले कारनामों को बढ़ावा दे रहे है जिसे इस देश की जनता कभी माफ नही करेगी। कोतवाल के संरक्षण में इस नगर व क्षेत्र में गौ वध तथा गौ मास की बिक्री जोरो पर है जिससे लोगों में उक्त कोतवाल के प्रति आक्रोश पनप रहा है। जो किसी दिन विकलार रूप धारण कर कालपी नगर में अमन शांति छीन सकता है। जिसके प्रबल संकेत है। अगर गोपनीय पुलिस विभाग के सूत्रों की माने तो उनका कहना है की कोतवाल स्वयं गौ मास की गाड़ी को निकालने में सहायता करते है तथा अपनी सीमा तक गाड़ी न पकड़े जाने की व अपनी सीमा से बाहर निकालने तक की मोटी रकम मिलती है जो महिने में 15-20 गाड़ी निकाली जाती है। जिसकी जानकारी जनपद के ईमानदार पुलिस अधीक्षक डा. राकेश सिंह को नही है। सबसे ताज्जुब की बात तो यह है कि अभी तक जितने भी पुलिस अधीक्षक जनपद में आये है उन्होने सभी थानों के थानाध्यक्ष तो बदले लेकिन कालपी कोतवाली से कोतवाल सत्येन्द्र सिंह राठौर को क्यो नही हटाया यह बात संदेह उत्पन्न कर रही है। सबसे मजेदार बात तो यह है मोदी जी द्वारा बंद किये गये 500 और 1000 के नोटो को बदलाने हेतु कालपी कोतवाल अपने दलालो को छोछ़ रखा है जो प्रतिदिन उक्त कोतवाल के सभी बैंको से कालेधन को सफेद धन में कन्वर्ट करने में लगे है। जिसकी पुष्टि एक खाकीवर्दीदारी ने ही की है। उसका तो यहां तक कहना है कि तबसे मोदी जी द्वारा 500 और 1000 के नोट बंद किये गये है तब उक्त कोतवाल बहुत चिंतित नजर आ रहे है। जो बैंकों में आये दिन अपने नोटों को बदलाने हेतु अपने निजी दलालो को छोड़ रखा है उक्त दलाल उक्त कोतवाल का नाम लेते ही बैक कर्मचारी बड़े आसानी से उसके नोट बदल देते है जिसे कालपी नगर की जनता द्वारा कई बार देखा गया है। लाईम में लगे लोगों ने ठोंका भी हैं तो ठोंकने वाले को पुलिस ने ठोंका भी है। जिससे यह बात तूल नही पकड़ पा रही है। अगर इस संबंध में कोतवाल सत्येन्द्र सिंह राठौर से पूछा जाये तो वह कुछ बताने को तैयार नही है। कालपी के जागरूक, बुद्धिजीवी तथा समाजिक कार्यकताओं ने जनपद के तेज तर्रार पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इस जब जनपद के सभी थानों के थानाध्यक्ष बदले जा चुके है तो कालपी कोतवाली की जनता को लूटने तथा गौ मास पर पावन्दी लगाने हेतु कोतवाल सत्येन्द्र सिंह राठौर को हटाने की मांग की है

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