वाद-विवाद प्रतियोगिता में रंजना विजयी….

उरई (जालौन) 16 दिसम्बर :- गांधी महाविद्यालय उरई में भूगोल परिषद तथा अर्थशास्त्र विभाग द्वारा संयुक्त रूप से नोटबंदी कैशलेस अर्थ व्यवस्था एवं वर्तमान आर्थिक सुधारों काला धन रोकने आदि के उपायों पर वाद-विवाद प्रतियोगिता एवं विचार गोष्ठी संपन्न हुई। वाद-विवाद प्रतियोगिता में रंजना वर्मा ने प्रथम दीपशिखा ने द्वितीय तथा दीपिका ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। उन्हें भूगोल परिषद के वार्षिक समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा।
नोटबंदी काला धन नियंत्रण तथा कैशलेस अर्थ व्यवस्था पर व्यापक परिचर्चा हुई जिसमें अनेकों शिक्षकों ने भाग लिया। धीरेंद्र कुमार प्रवक्ता भूगोल ने कहा कि नोटबंदी एवं काला धन रोकने के वर्तमान उपाय सिर्फ आर्थिक क्रांति नहीं अनेक क्रांतियों के सूत्रधार हैं। स्वप्निल भट्ट ने नोटबंदी की समीक्षा करते हुए काला धन नियंत्रण के वर्तमान उपायों को नाकाफी बताया। महाविद्यालय की प्राचार्या डा. अलका नायक ने नोटबंदी को साहसिक कदम बताया लेकिन इसके लिए पूर्व में मुक्कमल तैयारी अपेक्षित है। साथ ही कैशलेस ट्रांजक्शन हेतु अत्यधिक साइबर सुरक्षा की आवश्यकता है। धर्मेंद्र कुमार ने नोटबंदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि दो हजार के नोट का चलन तत्काल बंद करके सौ रुपए के नोट को ही सबसे बड़ा बनाया जाना चाहिए। भूगोल प्रवक्ता डा. केके गुप्ता ने कहा कि आर्थिक सुधारों के उपाय सिद्धांत सही हैं लेकिन इसमें अनेक व्यवहारिक कठिनाइयां हैं। अर्थ शास्त्र प्राध्यापक डा. गोविंद कुमार सुमन ने आनन-फानन नोटबंदी को अव्यवहारिक कदम बताया। केके त्रिपाठी ने कहा कि परिवर्तन में समय लगता है तथा अच्छे परिणाम का धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा करना चाहिए। हिंदी प्राध्यापक डा. राकेश नारायण द्विवेदी ने नोटबंदी को एतिहासिक कदम बताते हुए कैशलेस ट्रांजक्शन की विधियों को अधिकाधिक उपयोग करने की सलाह दी। पूर्व प्राचार्य प्रो. ओपी शर्मा ने कहा कि अक्सर लोग दो हजार के बड़े नोट की आलोचना कर रहे हैं किंतु यह लोगों तक कम आपूर्ति में अधिक धन पहुंचाने की तात्कालिक योजना है। डा. रवींद्र कुमार त्रिपाठी ने नोटबंदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह आर्थिक क्रांति की शुरूआत है। प्रो. हौसला प्रसाद त्रिपाठी अर्थ के भारतीय दर्शन को परिभाषित करते हुए आर्थिक बदलाव को अपनाने पर बल दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन भूगोल विभागाध्यक्ष डा. देवेंद्र नाथ ने किया जिनकी पहल से मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा प्रारंभ किए गए वित्तीय साक्षरता अभियान (विसाका) की शुरूआत की गई। इनके द्वारा कैशलेस ट्रांजक्शन के विभिन्न तरीकों यूएसएसडी, यूपीआई, ईवालेट, एमपीओएस, आधार कार्ड आधारित ट्रांजक्शन प्रणाली एईपीएस पर उपयोगी जानकारी दी गई। कार्यक्रम को सफल बनाने में विजय गुप्ता कपिल तिवारी एवं मनीष पुरवार ने उल्लेखनीय योगदान दिया।

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