​कागजों में पक रहा हैं पोषाहार,आख़िर जाता कहाँ हैं बच्चों का निवाला…

फलसूण्ड (राजस्थान) गणेश जैन : महिला बाल विकास विभाग द्वारा संचालित आंगनवाडी केंद्रो पर कही 2-4 बच्चे मिलते है तो कही कही अव्यवस्था का आलम दिखाई पडता है। कई केंंद्रों की हालत दयनीय रहती है। तो कही बंद मिलते है।     
क्षेत्र की दुर-दराज के गांवो ढाणियो में स्थित आंनवाड़ी केन्द्र राम भरोसे चल रहे हैं। इसके बावजूद इन केन्द्रो के प्रभावी निरिक्षण को लेकर महिला एंव बाल विकास विभाग के अधिकारी भी उदासीन नजर आ रहे हैं। उल्लेखनीय हैं की अधिकांश आगनवाड़ी केन्द्र तो कभी कभार खुलते हैं, दूसरी और बच्चो के लिए मिलने वाला मिड डे मिल कागजो में ही पक रहा हैं।
अनेको पोषाहार आंगनवाड़ी कार्यकताओं द्वारा पशुधन को दिया जा रहा हैं, लेकिन बच्चो को सरकारी निवाला नसीब नही हो पा रहा हैं। क्षेत्र में आंगनबाड़ी केन्द्रो पर व्यापत अव्यवस्थाओं पर अंकूुश नही लग रहा है। ग्रामीण क्षेत्रो में केन्द्रों पर कार्यकरत कार्यकर्ता सहायिकाओं के केन्द्र पर नही पहुॅच पाने से इनका संचालन सिर्फ दिखावा बना हुआ है। मानासर क्षेत्र में संचालित केन्द्रों पर विभाग की ओर बताई जा रही योजनाओं का सुचारू व प्रभावी क्रियान्वयन नही हो रहा है, यहां पर केन्द्रो का संचालन सिर्फ कागजो में हो रहा है। इस क्षेत्र के केन्द्र कार्यकर्ता की मनमर्जी से खुलते और बंद होते है,व्कभी तो सप्ताह भर ताले नही खुलते है, आंगनवाडी केन्द्रो पर पोषाहार परोसने में भी भारी अव्यवस्थाएं सामने आ रही है। कभी कभार खुलने वाले केन्द्रो पर भारी संख्या में नामांकन बताया जा रहा है, जिसके चलते फर्जी तरीके से दर्शाये गये नामाकन के आधार पर पोशाहार आंवटित करवा कर गड़बड़ी की जा रही है।

अधिकारी करते है खानापूर्ति :

विभागीय स्तर पर केन्द्रो की माॅनिटरिग व सतत निरीक्षण की व्यवस्था नही है, यदा कदा निरीक्षण पर निकलने वाले अधिकारी सिर्फ खानापूर्ति कर लौट जाते है। जिसके चलते केन्द्रों पर नांमाकित बच्चों गर्भवती महिलाओ किशोर बालिकाओं के सरकारी कार्यक्रमों का समुचित फायदा नही मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में आंगनवाडी केन्द्रो पर व्याप्त अनियमिततओं के सबंध में विभाग भली भांति जानता है, लेकिन कुछ भी कार्यवाही अमल में नही लाई जाती है, जिसके चलते इनके हौसले बुंलंद होते जा रहे है।

आंगनवाड़ी केन्द्र पर नाम के अभाव में नहीं हो पाती हैं जानकारी :

क्षेत्र में स्थित आंगनवाडी. केन्द्र पर नाम का कोई सूचना बोर्ड नहीं होने के कारण यहां आने वाले लोंगो महिलाओं व बच्चों को केन्द्र की जानकारी नहीं हो पाती हैं। जानकारी के अनुसार वर्षों पूर्व महिला एवं बाल विकास विभाग की और गांव में बच्चों किशोरी बालिकाओं व गर्भवती महिलाओं को पोषाहार उपल्बध करवाने को लेकर आंगनबाडी केन्द्र स्थापित किया गया था, तथा यहां आंगनवाडी कार्यकर्ता साहायिका की नियुक्तिकी गई थी। लेकिन स्थापना के बाद आज तक यहां भवन का बोर्ड नहीं लगया गया, जिसके चलतें यहां आने वाली महिलाओं बच्चों अधिकारियों तक को भवन का पता पूछकर जाना पडता हैं, तथा बोर्ड के अभाव में केन्द्र ढूढने में परेशानी होती हैं।

यहां हैं पोल :

ग्राम पचांयत मानासर भुर्जगढ, भीखोड़ाई, पदमपुरा, प्रभुपुरा, गोरालिया गाला बरसाणी सांगाबेरा, निम्बड़ी पान्ना,बलाड़ पन्नासर रातड़िया सहित अनेको जगह आगनवाड़ी केन्द्र कागजों में चल रहे हैं नौनिहालो ने तो पोषाहार देखा तक नहीं आख़िर बच्चों का ये निवाला जा कहाँ रहा हैं। ग्रामीणों ने बताया की हम बार-बार अधिकारियों व मेडम पोकरण में शिकायत करने के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं हो रही हैं, कार्यवाही के नाम पर खनापुर्ति कि जा रही हैं।

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