​असुविधाओं से दिन गुजार रहे कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के बच्चे, आखिर कौन है जिम्मेदार …

◆ मोमबत्ती की रोशनी में पढने को मजबूर कस्तूरबा विद्यालय की छात्राएं 
◆ सोलर प्लांट खराब, जल निगम द्वारा कराई गई बोरिंग भी हुई फेल 


उरई/जालौन,मनोज शर्मा : गरीब छात्राओं को  बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए संचालित किए जा रहे कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय समस्याओं से जूझ रहे है।  इसी में एक मडोरा में संचालित होने वाले स्कूल की कहानी है । इस विद्यालय में न बिजली की सुविधा है और न ही पानी की। यहां की छात्राएं मोमबत्ती व दीपक की रोशनी में पढने को मजबूर  हैं। विभागीय अधिकारियेां द्वारा इन समस्याओं को लेकर बहानेबाजी चल रही है। कुल मिलाकर कमियों को सुधारने के लिए गंभीर प्रयास नहीं हो पा रहे हैं।  

उरई-कोंच मार्ग पर मडोरा गांव में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की हालत इन दिनों बहुत ही खराब है। यहां पर हालत यह है कि न पीने के लिए पानी उपलब्ध है और न ही पढाई के लिए रोशनी की व्यवस्था। भीषण गर्मी में यहां की छात्राओं को बिना बिजली के पढाई करनी पड रही है। इस आवासीय विद्यालय में पांच किलोवाट का सोलर प्लांट लगा हुआ है। पर इस प्लांट से बैटी ही गायब हैं। जिसके चलते यह सोलर प्लांट केवल नाममात्र के लिए ही है। इसका कोई उपयोग नही है। इसके अलावा विद्यालय में इन दिनों बिजली का कनेक्शन भी नहीं है। जिसके चलते विद्यालय में बिजली की कोई सुविधा नहीं है। भीषण गर्मी में यहां की छात्राओं को बिना पंखा, कूलर के ही पढाई करनी पड रही है। आसमान से बरसती आग और विद्यालय से गायब बिजली के चलते यहां की छात्राओं की सेहत को लेकर भी चिंताएं जाहिर की जाने लगी हैं। गर्मी के मौसम में हवा पानी की व्यवस्था भी न हो पाने के चलते छात्राओं के बीमार होने का खतरा बढ गया है। इसके अलावा विद्यालय में पानी के भी कोई इंतजाम नहीं हैं। विद्यालय में जल निगम द्वारा बोरिंग कराई गई थी। पर यह  बोरिंग फेल हो गई। इसके बाद पानी का इंतजाम करने को केाई दूसरा तरीका नहीं अपनाया गया। बिजली, पानी के अभाव में यहां की छात्राओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड रहा है। बताया जा रहा है कि पढाई के बाद छात्राओं को पानी का इंतजाम खुद ही करना पडता है। जिसके चलते उनकी पढाई प्रभावित होती है। इसके अलावा शाम को सूरज ढलने के बाद छात्राएं मोमबत्ती व दीपक की रोशनी में पढने को मजबूर हैं। 

औपचारिक भाषा का प्रयोग करते अधिकारी :
इस बारे में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कमलेश कुमार ओझा का कहना है कि विद्यालय में बिजली के लिए सोलर प्लांट लगवाया गया है। उसमें खराबी आ गई है। इसके लिए नेडा के अधिकारियों द्वारा लिखा पढी की गई है। 
इसके अलावा पानी के लिए जो बोरिंग कराई थी वह फेल हो गई है। पानी के दूसरे इंतजाम किए जा रहे हैं। इसके अलावा कोई समस्या है तो उसका समय समय पर निदान कराया जाता है। वह स्वयं निरीक्षण करते है । यहाँ भी जाँच कराएँगे।

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