जल संकट ! नहीं सुधरे तो बूंद-बूंद को तरसेगा बक्सवाहा …


( विनोद जैन @ ‘खबर आपकी’ )

बकस्वाहा/छतरपुर : नगर में चल रही अनियमित जल आपूर्ति कई दशक पुरानी पाइपलाइन से पानी जगह-जगह लीकेज सैकड़ों नलों की खुली टोटियों से बहता पानी कई जगह खुदी पड़ी पाइपलाइन यह सभी संकेत जल संकट के हैं

इन सब स्थितियों के बाद भी यदि नगर की जनता ने सबक नहीं लिया तो नगर के लोगो को बुंद बुंद के लिए तरसना होगा पहाड़ी क्षेत्र में बसे इस नगर में दूर-दूर तक पानी नहीं है इसलिए सुबह से ही पानी के लिए नगर के लोगों की भागादौड़ी हो जाती है
आलम यह है कि सुबह से ही लोग अपनी साइिकल या अपने अन्य वाहनों से (प्लास्टिक ड्रम) बांधकर नगर वासी पानी के लिए निकल पड़ते हैं कोई 3 किलोमीटर तक पानी के लिए जाता है और कोई प्राइवेट टैंकर बुलाकर इस तरह कंठ को गीला करता है यह कसरत हर रोज दोहराई जाती है
गांव में 45 हैंडपंप है जोकि कुछ में पानी नहीं है और कुछ खराब पड़े हैं लेकिन उनको सुधरवाने की शुध नगर परिषद को नहीं है नगर में 15 कुआं है जो कि सारी  सुख चुके हैं क्योंकि इनको कुआं को कभी गहरी करण नहीं किया जाता और ना ही हैंडपंपों को सुधारा जाता है नगर परिषद के 5 बोर पहले से हैं जो सारे सुख चुके हैं पहले इन 5 बोरो से नगर को पानी सप्लाई किया जाता था लेकिन वह पूरी तरह से बंद हो चुके है अभी कुछ दिनों पहले एक नया बोर किया गया जिसे कलेक्टर महोदय द्वारा स्वीकृति दी गई जिसमें नगर परिषद द्वारा चार इंच पानी बताया गया लेकिन इस बोर के पानी से नगर के नलों में व्यवस्थित पानी नहीं दिया जा रहा लगभग 6 माह से नलों में पानी नहीं आने से लोगों को काफी जल संकट का सामना करना पड़ रहा है
 जब नगर के लिए जल संकट के बारे में जानकारी करने के लिए इस संबाददाता ने नगर में भ्रमण किया तो उन्होंने काफी जलसंकट देखा। वार्ड नंबर 1, 2 ,3 और 4 में जब सर्वे किया तो पाया गया कि वहां कुछ घरों में पाइप लाइन नहीं है और जब बाड वासियों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि हमें नगर परिषद की ओर से पानी की कोई सुविधा नहीं है या तो हम लोगों को प्राइवेट टैंकर से पानी लेना पड़ता है या फिर नगर से 2, 3 किलोमीटर दूर तक पानी लेने के लिए जाना पड़ता है
उसके बाद वार्ड नंबर 5 मैं जब सर्वे किया गया तो वहां के शंकरलाल असाटी, श्री वाई रैकवार, सील शिंह पायक,नारान खरे ने बताया कि हमारे यहां 14 माह से नल नहीं आ रहे हैं हमने कई बार नगर परिषद के अधिकारियों से बोला तो उन्होंने टालमटोली करते हुए कोई जवाब नहीं दिया फिर वार्ड नंबर 6,7,8,9 के लोग गिरधारी प्रजापति भगवान दास सेनी विजय माली  महेश माली  मुकेश माली  प्यारे लाल पटेल  बृजेश बडौनियां से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि हमारे घरों में अभी तक कोई पाइपलाइन नहीं डाली गई है हमने कई बार इस संबंध में सीएमओ से बात की कई आवेदन दिए लेकिन हमारी कोई सुनवाई नहीं हुई और जिन घरों में ना लाते हैं उन्होंने बताया कि 8 दिन में एक बार पाइपलाइन को खोला जाता है जो सिर्फ 15 मिनट तक चलते हैं जिससे हम लोगों को पानी कम ही मिलता है और पानी की किल्लत बनी हुई रहती है हमारे यहां और कोई पानी की सुविधा नहीं है जिससे हमें पानी को लेकर बहुत परेशान होना पड़ रहा है
उसके बाद 10,11 ,12 ,13 ,14 ,15 जब लोगों की जल संकट की समस्या को देखा तो वार्ड के लोग संजय तिवारी सुरेश तिवारी सोनू प्रजापति भुल्लन प्रजापति भगवानदास खंगार गोविंद प्रजापति रंजीत खटीक जवाहर खटीक कमल खटीक सेवक खटीक किशन खटीक मनोहर खटीक से बात की तो उन्होंने कहा हमारे यहां कुछ घरों में पाइप लाइन डाली हुई है लेकिन उनमें 6 साल में आज तक एक बूंद पानी नहीं आया और ना आज तक नगर परिषद के द्वारा कोई पानी की व्यवस्था की गई

क्या हो रहा नगर का हाल :

जब नगर का सर्वे हुआ तो लोगों की हालातों को देखते हुए लगा कि नगर में जल संकट काफी चिंताजनक विषय है।लेकि यह चिंता किसी ठोस कारवाही और गर्मियो में पेयजल के लिए उचित प्रबंधन के नतीजे तक नही पहुची।लोगों ने कहा हर पार्टी के नेता सिर्फ वोट मांगने आते हैं। लोगों ने कहा जब भी चुनाव आते तो दिखती है जनप्रतिनिधि बाकी किसी पार्टी का कोई नहीं था पूछने तक नहीं आता चुनाव में सत्ता पक्ष के तमाम नेताओं ने आकर अनेक आश्वासन दिए पर सब जुमले ही निकले।

 जल संकट को लेकर विपक्ष की भूमिका :

समस्या को लेकर विपक्षी उसने भी कभी पलटकर उसको नहीं देखा ना इस समस्या को लेकर कोई आंदोलन किए विपक्ष की भूमिका सुनने होने के कारण समस्या विकराल रूप लेती जा रही है वैसे नगर के हर मुद्दे पर विपक्ष की यही भूमिका रही है यूं कहें कि विपक्ष कहीं दिखाई नहीं दे रही हे। 

लोगों की मीडिया से आपेक्षा :

लोगों की मीडिया से उम्मीद बंधी है लेकिन मीडिया भी लिखने के सिवा कुछ ना कर पाई है ना कर पाएगी
पेयजल की आपूर्ति के लिए नगर परिषद द्वारा 20 दिन में एक बार नल और गर्मियों में टैंकर द्वारा पानी सप्लाई किया जाता हे।  लेकिन प्रश्न या उठता है कि इसके बाद से आज तक जल आपूर्ति के लिए कोई ठोस व्यवस्था क्यों  नहीं की गई। नगर परिषद में पेय जलापूर्ति पर हाथ खड़े कर देने के साथ-साथ कर्तव्य की इति श्री करने से लोगों  मै हलक जरूर सुख रहे हैं वही अगर योजनाओं की बात करें तो 2005 मैं तैयार होने वाली 1 करोर 9 लाख की जल आवर्धन योजना आज भी अधर में अटकी पड़ी है जिससे आजतक नगर को एक बूंद भी पानी नसीब नहीं हुआ ऐसे में लोग हर महीने 15 से 20 हजार का पानी खरीदने को मजबूर है। अगर घोटाले की बात की जाए तो नगर परिषद द्वारा जल आपूर्ति के नाम पर लाखों के फर्जी बिल की शिकायत कलेक्टर रमेश भंडारी को मिलने पर कार्यवाही करते हुए फर्जी बिलों का भुगतान रोक दिया था ,लेकिन उसका भुगतान अब कर दिया गया है।नगर वासियों ने बताया हम लोग 3 किलोमीटर पानी लेने जाती हैं।

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