गीत संगीत ईश्वर की अनुपम देन है – पालिका चेयरपर्सन


【रिपोर्ट @ पी.डी.रिछारिया】

◆ संगीत प्रशिक्षण कार्यशाला के रंगारंग समापन में पुरस्कृत हुई छात्रायें
◆ प्रशिक्षु छात्राओं ने दी संगीत की शानदार प्रस्तुतियां
कोंच/जालौन : पालिका चेयरपर्सन विनीता सीरौठिया ने कहा है कि गीत संगीत ईश्वरीय प्रदत्त ऐसी अनुपम देन है जो व्यक्ति के जीवन को आनंद से भर देती है। संगीत के माध्यम से व्यक्ति अपने मनोभावों को अच्छी तरह से लोगों के समक्ष रखने में सफल होते हैं। गुरुओं को चाहिये कि वे अपने शिष्यों को गूढतम ज्ञान देकर उन्हें वैश्विक पटल पर अपनी प्रतिभा दिखाने के लिये तैयार करें। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये यह बात उन्होंने यहां पं. रामरतन तिवारी संगीत महाविद्यालय द्वारा एक माह तक चलाये गये नि:शुल्क संगीत प्रशिक्षण शिविर की समापन वेला में आयोजित समारोह के दौरान कही। समारोह में प्रशिक्षु छात्राओं द्वारा दी गई रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने लोगों को वाह वाह कहने पर मजबूर कर दिया। अतिथियों ने सभी प्रशिक्षु छात्राओं को पुरस्कृत किया।
मथुरा प्रसाद स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में आयोजित समापन समारोह की अध्यक्षता पालिका चेयरपर्सन विनीता सीरौठिया ने की, जबकि अतिथियों की पंक्ति में शिक्षा के क्षेत्र को नये आयाम देने बाले कृपाशंकर द्विवेदी बच्चू महाराज, एसएसआई अजयकुमार सिंह, सागर चौकी इंचार्ज घनश्याम सिंह, मधु गुप्ता, डॉ. सावित्री गुप्ता व अरविंद द्विवेदी एट मंचस्थ रहे। इस गरिमापूर्ण समारोह का संचालन डॉ. मृदुल दांतरे व दिवाकर तिवारी ने संयुक्त रूप से किया। इस महाविद्यालय में जिन बच्चियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया उन्होंने इस पखवाड़े भर में जो कुछ भी सीखा उसे ज्यों का त्यों इस कार्यक्रम में रख दिया। लोक गीतों, लोक नृत्य जैसी अनेक लोक विधाओं की बेलाग और शानदार प्रस्तुतियां देकर लोगों को तालियां पीटने पर मजबूर कर दिया। बच्चू महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि बच्चों को अपने समय का सदुपयोग करना चाहिये, उन्हें टीवी और मोबाइल से दूर ही रहना चाहिये और अपने खाली समय का उपयोग किताबें पढ कर ज्ञानार्जन करने में करना चाहिये। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पं. रामरतन तिवारी संगीत महाविद्यालय भबिष्य में एक घराना बन कर उभरेगा। गायन में दिलचस्पी रखने बाले बरिष्ठ रामलीला रंगकर्मी नरोत्तमदास स्वर्णकार ने कबीर का भजन चदरिया झीनी रे झीनी राग देश में प्रस्तुत कर तालियां बटोरीं।

प्रशिक्षु छात्राओं निशा पटेल, प्रिया, स्वर्ण, अंजली कौशिक, मिनी पटेल, सौम्या, रिया, अबीर मयंक, मुस्कान शर्मा, राधा, रश्मि, काजल, श्वेता, सुप्रिया, दिव्या, अनुप्रिया, प्रज्ञा, एकता, माही आदि ने शास्त्रीय गायन में सरस्वती वंदना, राग भैरवी तीन ताल में वंदिश, सोलो वादन राग कलावती में नगमा, लोकगीत, कब्बाली, महारानी लक्ष्मीबाई को लेकर एक नृत्य नाटिका आदि की बेहतरीन प्रस्तुतियां देकर वाहवाही लूटी। अतिथियों ने इन प्रशिक्षुओं को मंच के माध्यम से पुरस्कृत किया। इससे पूर्व अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा का पूजन अर्चन कर कार्यक्रम को गति प्रदान की। महाविद्यालय की प्राचार्या श्रीमती कुंती तिवारी, उनके सहयोगी इंदु तिवारी, व्यवस्थापक सुशील कुमार तिवारी ने अतिथियों का स्वागत किया। महाविद्यालय के संरक्षक यशोदानंदन तिवारी ने आभार जताया। इस दौरान साहित्यकार नरेन्द्र मित्र, संतोष तिवारी, अमरेन्द्र दुवे, प्रेमनारायण लोहेबाले, नीरज दुवे, सूर्यदीप सोनी, संजय सिंघाल, आनंद शर्मा, सुरेश डीहा, डॉ. हरिमोहन गुप्ता, गजराजसिंह सेंगर, संजीव सरस सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

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