विपक्षियों ने केंद्र व राज्यों की भाजपा सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा …

★ वामपंथी मोर्चा ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर उठाई मांगें 
★ आम आदमी पार्टी ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन 

 

उरई/जालौन,खबर आपकी। केंद्र, उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश की भाजपा सरकारों के खिलाफ विपक्षियों ने मोर्चा खोल दिया है। इन सरकारों को हर मोर्चे पर विफल बताते हुए किसी ने सरकार को बर्खाश्त करने की मांग की है तो किसी ने मांगों को पूरा करने को कहा है। सोमवार को वामपंथी मोर्चा व आम आदमी पार्टी ने राज्यपाल व राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा और केंद्र समेत यूपी व एमपी सरकारों के खिलाफ मोर्चा खोला। 
वामपंथी मोर्चा ने जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को भेजे ज्ञापन में बताया कि भाजपा के कुशासन में उत्तर प्रदेश सुलग रहा है। दलितों अल्प संख्यकों, महिलाओं व अन्य कमजोर वर्गों पर अत्याचार की सारी हदें पार हो गई हैं। साम्प्रदायिक सामंती और सरकार संरक्षित गुंडा तत्व दंगा फसाद करा रहे हैं और दलित कमजोरों पर अत्याचार कर रहे हैं। महिलाओं के साथ बदसलूकी और उनकी हत्याएं कर रहे हैं। व्यापारियों को लूट रहे हैं। जेवर में हाईवे पर एएक परिवार की चार महिलाओं से बलात्कार, एक पुरूष की हत्या ने लोगों को हिलाकर रख दिया है। पुलिस अधिकारियों तक पर हमले हो रहे हैं। कानून के राज की जगह गुंडाराज ने ले ली है। कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। वहीं भाजपा सरकार अपराधों पर रोक लगाने से ज्यादा विपक्षियों पर हमला बोलने में ज्यादा व्यस्त है। वामपंथी मोर्चा ने मांग की है कि मध्य प्रदेश में अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों पर फायरिंग में हुई मौत मामले की सीबीआई जांच कराई जाए। प्रधानमंत्री मोदी के चुनावी वादे के मुताबिक सभी किसानों के कर्जे माफ किए जाएं व उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिया जाए। सभी पेंशन धारकों की लंबित पडी पेंशनों को तत्काल दिलाया जाए। ध्वस्त पडी खाद्य वितरण प्रणाली को सभी नागरिकों के राशनकार्ड बनाकर शीद्य्र खाद्य सामग्री वितरण कराया जाए। सीपीएम के राष्टीय महासचिव कामरेड सीताराम येचुरी पर हुए हमले की सीबीआई जांच कराई जाए। इस दौरान भूपेंद्र सिरौठिया, रामा स्वर्णकार, भगवान सिंह, रामकुमार चौरसिया, भानुप्रताप, रमेश गुप्ता, राजेश तिवारी, वीर सिंह राठौर, भारत सिंह , ममता पाल, जानकी देवी, वैजयन्ती, कामरेड विनय पाठक, देवेश चौरसिया, प्रभूदयाल पाल, परशुराम कुशवाहा, राजू, रामसनेही राजपूत आदि मौजूद रहे। 

वहीं आम आदमी पार्टी ने भी राष्टपति को ज्ञापन भेजकर कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने 2014 में चुनाव के पहले अनेकों लोक लुभावन वादे किए थे और उन्हीं के दम पर केंद्र में भाजपा गठबंधन की सरकार बनी। उन्हीं वायदों में से एक वादा किसानों को लेकर किया था, जिसमें सिकानों की फसलों की कुल लागत पर 50 प्रतिशत जोडकर सरकार फसल को खरीदने का काम करने का था। साथ ही किसानों के कर्ज  को भी माफ करने का वादा किया था। लेकिन मोदी की अगुवाई में चलने वाली केंद्रीय सरकार ने तीन वर्ष में एक भी वादा पूरा नहीं किया। किसानों की जगह अडानी, अम्बानी जैसे पूंजीपति घरों के कर्ज को माफ किया गया। किसानों को उनकी फसला का वाजिब मूल्य भी नहीं मिला तो कर्ज के बोझ से दबे किसानों ने आत्म हत्या कर ली। ऐसे हालात में पूरे देश का किसान आक्रोशित हो उठा और दिल्ील में जंतर-मंतर से लेकर अन्य राज्यों में किसान आंदोलित हो उठा। मध्य प्रदेश में चल रहे किसान आंदोलन को बदनाम करने के लिए भाजपा सरकार ने अपने लोगों को भेजकर अराजकता फैला कर जिर तरह देश के अन्नदाता किसानों पर बर्बरतापूर्ण ढंग से गोली चलवाई, उसमें छह किसानों की मौत हो गई। इसलिए ऐसी मध्य प्रदेश व केंद्र की जनविरोधी सरकार को बर्खाश्त कर देश हित में राष्टपति शासन लगाया जाए। इस मौके पर पार्टी नेता दीनदयाल काका, धर्मेंद्र जाटव, उवैश सिद्दीकी, आदित्य चतुर्वेदी, प्रियंक शर्मा, जगदीश गुप्ता, अमर चंद्र प्रजापति, जगदीश प्रसाद वर्मा, सूरज वर्मा, जितेंद्र कुमार व्यास, दयाशंकर निरंजन, कुसुम लता सक्सेना आदि मौजूद रहे। 

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