​दूधाधारी महाराज के धरने से बौखलाया माधौगढ़ प्रशासन …

◆ व्यापारी उतरे समर्थन में, बाजारा हुआ बंद
◆ दस वर्षों से ठड़ेश्वरी मंदिर माधौगढ़ की धर्मशाला पर चला आ रहा था ताबड़तोड़ कब्जा

◆ तीस सितंबर तक धर्मशाला खाली कराने के आश्वासन पर अनशन तोड़ा

◆ 2007 में सुदामा दीक्षित ने धर्मशाला का ताला तोड़ किया था कब्जा

माधौगढ़(जालौन)।माधौगढ़ के ठड़ेश्वरी मंदिर की धर्मशाला पर वर्ष 2007 में ताला तोड़कर जो अवैध कब्जा कर आशीष दीक्षित पुत्र वंशनारायण दीक्षित ने जो शीला एकेडमी विद्यालय खोल दिया था तथा जिसे कब्जा मुक्त क राने की तमाम कोशिशें बसपा की मायावती सरकार तथा फिर सपा की अखिलेश यादव सरकार के दौरान राजनैतिक स्तर से विफल हुई वह अब रंग लाती नजर आ रही हैं। बताया गया कि आज बुधवार को संत 1008 दूधाधारी महाराज सहित सैकड़ों साधू संत और ठड़ेश्वरी मंदिर के भक्तगण धरने पर बैठ गये। यही नहीं इनके समर्थन में माधौगढ़ के तमाम थोक व फुटकर दुकानदार भी बाजार बंद कर धरने में शरीक हो गये। जिस पर स्थानीय प्रशासन बौखला गया और एसडीएम माधौगढ़ प्रदीप सिंह, सीओ अजय शर्मा पुलिस बल सहित मौके पर जा पहुंचे और पूर्व ब्लाक प्रमुख माधौगढ़ सुदामा दीक्षित जिन्होंने कि तत्कालीन राज्यमंत्री के कथित सहयोग से उक्त धर्मशाला का ताला तुड़वाकर अपने भाई आशीष दीक्षित को कब्जा कराया था तथा एक कथित किरायानामा एग्रीमेंट भी तैयार किया था को चेतावनी दी कि वह 30 सितंबर 2017 तक धर्मशाला को खाली कर दें। क्योंकि उनके कथित एग्रीमेंट की अवधि भी 22 अगस्त 2017 को खत्म हो चुकी हैं। यही नहीं इसी बिना पर एसडीएम तथा सीओ ने दूधाधारी महाराज तथा अन्य संतों-भक्तों तथा बाजार के लोगों को भी आश्वस्त किया कि धर्मशाला 30 सितंबर 17 तक खाली कर दी जायेगी और आप सभी से ध्रना अनशन खत्म करने की प्रार्थना हैं जिस पर महाराज जी ने अनशन समाप्ति की घोषणा कर दी।

ज्ञात हो कि माधौगढ़ में मुख्य मार्ग पर उक्त ठड़ेश्वरी मंदिर तथा मंदिर की धर्मशाला है। मंदिर के महंत अरविंद नाथ के मुताबिक धर्मशाला में स्कूल खोलने का कोई एग्रीमेंट, कोई किरायानामा नहीं लिखा गया। यदि ऐसा कहीं कुछ है तो वह फर्जी है कूट संरचना है। उन्होंने यह भी कहा कि स्वयं सुदामा दीक्षित पुत्र वंशनारायण दीक्षित ने वर्ष 2007 में धर्मशाला का ताला तुड़वाकर कब्जा किया और स्व. पं. प्रभुदयाल दीक्षित समासेवी संस्था के अंतर्गत शीला एकेडमी विद्यालय का बोर्ड लगाकर विद्यालय का संचालन शुरू करवा कर उसको अपने छोटे भाई आशीष दीक्षित को संचालक बनाया। इस कब्जे में तब उन्हें बसपा की मायावती सरकार में राज्यमंत्री रहे का पूरा-पूरा साथ मिला तथा राजनीतिक दबाब के चलते हमारी फरियाद तब न तत्कालीन एसडीएम और सीओ ने सुनी न ही जिलाधिकारी जालौन ने। इतना ही नहीं उस दौरान निवर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष ममता शाक्य ने भी ठड़ेश्वरी मंदिर की धर्मशाला पर बल पूर्वक किये गये अवैध कब्जे को हटाये जाने संबंधी शिकायत स्थानीय प्रशासन के साथ ही जिला प्रशासन के भेजी थी साथ ही यह भी बताया था कि उक्त धर्मशाला नगर पंचायत की सम्पत्ति है। महंत अरविंद नाथ ने यह भी बताया कि दो-ढाई वर्ष पूर्व भी धर्मशाला से अवैध कब्जे से खाली कराने के लिये कस्बा में धरना प्रदर्शन किया गया था और तब राजनीतिक तथा प्रशासन से शक्ति पाने के लिये सुदामा दीक्षित ने समाजवादी पार्टी का दामन थाम लिया था जिससे फिर न्याय की आवाज का गला घोंट दिया गया। अब जब कथित किरायेनामे की अवधि भी 22 अगस्त 2017 को खत्म हो गयी और बलात कब्जा करने वाले कोई नया एग्रीमेंट भी पेश नहीं कर सके और धर्मशाला को खाली भी नहीं किया तब आज बुधवार को धार्मिक स्थल ठड़ेश्वरी मंदिर की धर्मशाला से अवैध कब्जा हटाने के लिये धर्माचार्य श्री श्री 1008 दूधाधारी महाराज का विराट धरना प्रदर्शन अमल में आया।

अब देखना यह है कि स्थानीय प्रशासन 30 सितंबर 2017 तक धर्मशाला खाली करा पाता है या नहीं अथवा पुनः दूधाधारी महाराज और माधौगढ़ की जनता को धरना प्रदर्शन करना होगा यह तो समय ही बतायेगा।

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