“शिक्षक हित की आड़ में भ्रष्ट अधिकारी का समर्थन करने की वजह का खुलासा”

उरई(जालौन) राष्ट्रीय शैक्षिक महांसघ की जिला इकाई निरन्तर बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन उन भ्रष्ट अधिकारियों की परत दर परत उधेड़ने का कम कर रहा है, वहीँ दूसरी ओर एक अन्य शिक्षक संगठन के कुछ तथा कथित पदाधिकारी ऐसे अधिकारियों को बचाने की साजिश रचने में मशगूल हैं। उक्त पदाधिकारी समय के साथ करवट बदलने में माहिर हैं, वो स्वार्थसिद्धि ना होने पर मौका मिलते ही अधिकारियों को दण्डित कराने के लिये ऐड़ी-चोटी का जोर लगा देते हैं और स्वार्थ सिद्ध हो जाने पर अधिकारियों की चापलूसी करने से भी बाज नहीं आते हैं। महासंघ ने शिक्षकों से अनुरोध किया है कि वह ऐसे चालबाज नेताओं के दुष्प्रचार से सचेत रहते हुये सच्चाई की राह को न छोडें।
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की जिला इकाई के अध्यक्ष राजेन्द्र राजपूत, संरक्षक प्रकाश नारायण पाठक, जिला प्रभारी अरविन्द नगायच, संघर्ष समिति के अध्यक्ष इलयास मंसूरी, कार्यवाहक महामन्त्री अरुण पांचाल, जिला महामंत्री प्रदीप सिंह चौहान एवं कोषाध्यक्ष अशोक तिवारी ने संयुक्त रूप से अवगत कराया कि महांसघ ने जालौन के खण्ड शिक्षा अधिकारी विनोद गौतम के काले कारनामों की शिकायतें जिलाधिकारी से कीं कि उनके द्वारा माधौगढ़ एवं जालौन ब्लॉक के दर्जनों विद्यालयों के कृषि फण्ड, रखरखाव व प्रबंध समिति के खातों से अनधिकृत रूप से लगभग 40 लाख रूपये से अधिक की धनराशि अन्य विद्यालयों में हस्तान्तरित कर हड़प लिये। महासंघ ने इस घपले की शिकायतें शासन तथा प्रशासन से की फलस्वरूप जिलाधिकारी महोदय ने उनके काले कारनामों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की। इस समिति ने 24 जनवरी को बी०आर०सी० भिटारा में खुली जांच सम्बन्धी पत्र दोनों पक्षों को प्राप्त कराते हुए साक्ष्यों के साथ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। कतिपय कारणों से समिति के दो सदस्य उपस्थित नहीं हो पाये। ऐसी स्थिति में तीसरे सदस्य यानि अतरिक्त मजिस्ट्रेट प्रदीप कुमार ने तय समय पर सुनवाई की। इस दौरान जो साक्ष्य उपलब्ध कराये गये उनसे खण्ड शिक्षा अधिकारी की शिक्षकों के समक्ष कलई खुल गई। इस दौरान एक संगठन के कतिपय पदाधिकारी जो खण्ड शिक्षा अधिकारी के माध्यम से शिक्षकों का शोषण करवाते रहे हैं व दलाली का नमक खाते रहे हैं और खण्ड शिक्षा अधिकारी के हर भ्रष्टाचार व गबन में उनका शेयर रहा है, वह उनको बचाने में जोर-शोर से लग गये हैं। इसी वजह से वह सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रष्ट अधिकारी के पक्ष में बयानबाजी कर शिक्षकों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि इन्हीं में से एक नेता जो कि जालौन ब्लॉक में एक संगठन का ब्लॉक अध्यक्ष रह चुका है व खुद को एक मात्र शिक्षक हितैषी नेता होने का दावा करता आया है, उसका स्तर तो इसी से पता चलता है कि जब उसने अपने कार्यकाल में प्रा०वि० महिया खास में तैनात एक शिक्षक को बर्खास्त कराने के लिए शासन प्रशासन स्तर तक पैरवी की थी, जो यह दर्शाता है कि वह शिक्षकों के कितने हितैषी हैं। इस तथाकथित पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष ने जो खण्ड शिक्षा अधिकारी के साथ विद्यालयों में पहुँच-पहुँच कर शिकायतकर्ता शिक्षकों पर पूरा दबाव बनाया था कि वह खण्ड शिक्षा अधिकारी के विरूद्ध की गई लिखित शिकायतें वापस ले लें। लेकिन महांसघ के सम्बल के कारण उसके सारे प्रयास चकनाचूर हो गये और अन्ततः न सिर्फ खण्ड शिक्षा अधिकारी बल्कि तथाकथित दलाल नेता का भी भ्रष्टाचारी चेहरा शिक्षकों के समक्ष उजागर हो गया। अंत में महासंघ के नेताओं ने जालौन ब्लॉक के साथ ही माधौगढ़ ब्लॉक के सभी शिकायतकर्ता शिक्षकों से अनुरोध किया है कि वे अपने हौसले बुलन्द रखें तथा सोशल मीडिया पर उक्त दलाल नेता द्वारा किये जा रहे झूठे प्रचार-प्रसार को तवज्जो न दें, अपितु उसका असली चेहरा शिक्षक समाज के सामने उजागर करते रहें।

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